1. संविधान (Constitution)
The Constitution is the supreme law of India. यह वह दस्तावेज़ है जो देश के शासन का ढांचा तय करता है।
🧠 Example: हमारे मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) संविधान में दिए गए हैं।
2. प्रस्तावना (Preamble)
The Preamble is the introductory part of the Constitution which declares India as a sovereign, socialist, secular, democratic republic.
🧠 Example: "We, the People of India..." से प्रस्तावना शुरू होती है।
3. मौलिक अधिकार (Fundamental Rights)
Fundamental Rights are basic human rights guaranteed by the Constitution to all citizens. ये अधिकार Article 12 से 35 तक दिए गए हैं।
🧠 Example: Article 21 - जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार।
4. नीति निदेशक तत्व (Directive Principles of State Policy – DPSP)
These are non-justiciable guidelines for the government to create a welfare state. इन्हें Part IV में शामिल किया गया है।
🧠 Example: समान वेतन का सिद्धांत – Equal Pay for Equal Work।
5. मूल कर्तव्य (Fundamental Duties)
These are duties of every citizen towards the nation, added by the 42nd Amendment. ये Article 51A में दिए गए हैं।
🧠 Example: राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करना।
6. धर्मनिरपेक्षता (Secularism)
India is a Secular State, meaning कोई राज्य धर्म नहीं है और सभी धर्मों का समान आदर होता है।
🧠 Example: सरकार मंदिर या मस्जिद नहीं चलाती लेकिन धार्मिक स्वतंत्रता देती है।
7. सम्प्रभुता (Sovereignty)
Sovereign means supreme power rests with the people of India. कोई बाहरी ताकत भारत के फैसलों को नहीं चला सकती।
🧠 Example: भारत अपने कानून खुद बना सकता है।
8. समाजवाद (Socialism)
It means ensuring social and economic equality. समाज में अमीर और गरीब के बीच का फर्क कम करने की कोशिश।
🧠 Example: सब्सिडी, राशन कार्ड जैसी योजनाएं समाजवाद का हिस्सा हैं।
9. लोकतंत्र (Democracy)
Democracy means rule by the people. जनता ही सरकार चुनती है।
🧠 Example: हर 5 साल में आम चुनाव होते हैं – ये लोकतंत्र की निशानी है।
10. गणराज्य (Republic)
Republic means the head of the state (President) is elected, not hereditary. भारत में कोई राजा नहीं होता।
🧠 Example: राष्ट्रपति का चुनाव जनता के प्रतिनिधि करते हैं।
11. नागरिकता (Citizenship)
Citizenship gives a person legal membership of a nation. इसके जरिए व्यक्ति को अधिकार और कर्तव्य मिलते हैं।
🧠 Example: केवल नागरिकों को वोट देने का अधिकार है।
12. क़ानून का शासन (Rule of Law)
No one is above the law – यही Rule of Law का सिद्धांत है। सभी को समान रूप से कानून मानना होता है।
🧠 Example: चाहे आम आदमी हो या मंत्री, कानून सब पर लागू होता है।
13. क़ानूनी बराबरी (Equality before Law)
This means every citizen is equal in the eyes of law, बिना किसी भेदभाव के।
🧠 Example: किसी अपराध के लिए अमीर और गरीब को समान सज़ा मिल सकती है।
14. बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus)
This writ is used when someone is illegally detained. कोर्ट सरकार से पूछती है – बंदी को क्यों पकड़ा है?
🧠 Example: पुलिस ने बिना वजह किसी को हिरासत में लिया हो तो ये रिट काम आती है।
15. परमादेश (Mandamus)
Mandamus writ orders a public authority to do its legal duty.
🧠 Example: अगर सरकारी ऑफिस काम ना करे, तो कोर्ट Mandamus जारी कर सकता है।
16. प्रमाणित करना (Certiorari)
This writ is issued by a higher court to quash a decision of a lower court.
🧠 Example: अगर निचली अदालत ने कानून के खिलाफ फैसला दिया हो तो Certiorari जारी होती है।
17. प्रतिषेध (Prohibition)
It stops a lower court or tribunal from continuing a case beyond its powers.
🧠 Example: अगर कोई कोर्ट गलत तरीके से केस सुन रहा हो तो हाई कोर्ट Prohibition जारी करता है।
18. कौ वॉरंटो (Quo Warranto)
This writ questions the authority of a person holding a public office illegally.
🧠 Example: कोई व्यक्ति बिना योग्यता के सरकारी पद पर बैठा हो, तो यह रिट लगाई जा सकती है।
19. न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review)
Judicial Review means the courts can review laws passed by Parliament to ensure they are constitutional.
🧠 Example: सुप्रीम कोर्ट कोई कानून असंवैधानिक घोषित कर सकती है।
20. मूल ढाँचा सिद्धांत (Basic Structure Doctrine)
Some features of the Constitution are untouchable, even Parliament can’t alter them.
🧠 Example: संविधान का लोकतांत्रिक चरित्र बदला नहीं जा सकता – ये Basic Structure में आता है।
21. संशोधन (Amendment)
संविधान में बदलाव को Amendment कहते हैं। यह संसद द्वारा Article 368 के तहत किया जाता है। कुछ संशोधन विशेष बहुमत से होते हैं, जबकि कुछ में राज्यों की सहमति भी चाहिए।
🧠 Example: 42वां संशोधन – इसे मिनी संविधान कहा जाता है क्योंकि इसमें कई बड़े बदलाव हुए थे।
22. संवैधानिकता (Constitutionalism)
संवैधानिकता का अर्थ है कि सरकार संविधान के अनुसार काम करेगी, मनमाने तरीके से नहीं। यह कानून के शासन (Rule of Law) और सीमित सरकार की भावना को दर्शाता है।
🧠 Example: कोई भी कानून जो संविधान के विरुद्ध हो, वह रद्द किया जा सकता है।
23. मंत्रिमंडलीय प्रणाली (Cabinet System)
भारत में संसदीय प्रणाली में मंत्रिपरिषद का नेतृत्व प्रधानमंत्री करता है। सभी निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।
🧠 Example: रक्षा या विदेश नीति जैसे फैसले कैबिनेट मीटिंग में तय किए जाते हैं।
24. संसदीय प्रणाली (Parliamentary System)
इस प्रणाली में कार्यपालिका, विधायिका के प्रति जवाबदेह होती है। राष्ट्रपति नाममात्र का प्रमुख होता है और असली शक्ति प्रधानमंत्री और मंत्रियों के पास होती है।
🧠 Example: प्रधानमंत्री लोकसभा में बहुमत के आधार पर चुना जाता है।
25. राष्ट्रपति प्रणाली (Presidential System)
इसमें कार्यपालिका और विधायिका अलग-अलग होती हैं। राष्ट्रपति ही कार्यपालिका का प्रमुख होता है और वह संसद को भंग नहीं कर सकता।
🧠 Example: अमेरिका में राष्ट्रपति प्रणाली है, भारत में नहीं।
26. संघवाद (Federalism)
भारत में शक्तियों का वितरण केंद्र और राज्यों के बीच होता है – इसे संघवाद कहते हैं। भारत एक 'सहकारी संघ' है।
🧠 Example: शिक्षा जैसे कुछ विषय Concurrent List में आते हैं जहाँ दोनों सरकारें कानून बना सकती हैं।
27. एकात्मक विशेषताएँ (Unitary Features)
हालाँकि भारत संघ है, लेकिन संकट के समय केंद्र के पास अधिक शक्तियाँ होती हैं। यही इसे एकात्मक झुकाव वाला संघ बनाता है।
🧠 Example: राष्ट्रपति शासन लागू होने पर राज्य सरकार की शक्तियाँ केंद्र संभाल लेता है।
28. आपातकालीन प्रावधान (Emergency Provisions)
अनुच्छेद 352, 356 और 360 के तहत आपातकाल लागू किया जा सकता है – राष्ट्रीय, राज्यीय या वित्तीय। इसमें केंद्र को विशेष शक्तियाँ मिलती हैं।
🧠 Example: 1975 में लगाया गया राष्ट्रीय आपातकाल।
29. ग्रहण सिद्धांत (Doctrine of Eclipse)
अगर कोई कानून मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो वह निष्क्रिय हो जाता है लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होता।
🧠 Example: जब अधिकारों में बदलाव होता है, तो वह कानून फिर से लागू हो सकता है।
30. पृथक्करण सिद्धांत (Doctrine of Severability)
अगर कानून का कोई भाग असंवैधानिक है, तो केवल वही भाग रद्द होगा, पूरा कानून नहीं।
🧠 Example: एक धारा अगर मौलिक अधिकारों के खिलाफ है, तो बाकी कानून फिर भी लागू रह सकता है।
31. शक्तियों का पृथक्करण (Separation of Powers)
सरकार की तीन शाखाएँ – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका – अलग-अलग होती हैं और स्वतंत्र रूप से काम करती हैं।
🧠 Example: कोर्ट, सरकार के किसी निर्णय को असंवैधानिक घोषित कर सकती है।
32. संतुलन और नियंत्रण (Checks and Balances)
प्रत्येक अंग एक-दूसरे की शक्तियों पर निगरानी रखता है ताकि कोई भी सर्वशक्तिमान न बन सके।
🧠 Example: संसद कानून बनाती है, लेकिन न्यायपालिका उसकी संवैधानिकता की समीक्षा करती है।
33. धर्मनिरपेक्ष राज्य (Secular State)
भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है जहाँ कोई राज्य धर्म नहीं है। सभी धर्मों को समान स्वतंत्रता दी जाती है।
🧠 Example: सरकार किसी धार्मिक संस्था को पैसा नहीं देती, लेकिन सभी को पूजा की स्वतंत्रता है।
34. कल्याणकारी राज्य (Welfare State)
भारत का संविधान एक कल्याणकारी राज्य की कल्पना करता है जहाँ सभी नागरिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिले।
🧠 Example: सरकारी योजनाएं जैसे कि मनरेगा, जनधन योजना इसका उदाहरण हैं।
35. स्वतंत्र न्यायपालिका (Independent Judiciary)
न्यायपालिका को कार्यपालिका और विधायिका से स्वतंत्र रखा गया है ताकि वह निष्पक्ष निर्णय दे सके।
🧠 Example: सुप्रीम कोर्ट स्वतंत्र रूप से सरकार के फैसले की समीक्षा कर सकता है।
36. द्विसदनीयता (Bicameralism)
यह वह प्रणाली है जिसमें विधायिका दो सदनों में विभाजित होती है – उच्च सदन (राज्यसभा) और निम्न सदन (लोकसभा)।
🧠 Example: केंद्र स्तर पर भारत की संसद द्विसदनीय है।
37. एकल नागरिकता (Single Citizenship)
भारत में नागरिकता केवल एक बार दी जाती है – केंद्र सरकार द्वारा। राज्यों की अलग नागरिकता नहीं होती।
🧠 Example: कोई भी भारतीय पूरे भारत में कहीं भी जाकर रह सकता है।
38. सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार (Universal Adult Franchise)
18 वर्ष से ऊपर का कोई भी नागरिक, जाति, धर्म या लिंग से परे वोट देने का अधिकार रखता है।
🧠 Example: चुनाव में हर वोट की समान कीमत होती है – चाहे वह अमीर दे या गरीब।
39. न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism)
जब न्यायपालिका खुद पहल करके जनहित में कार्यवाही करे, तो उसे न्यायिक सक्रियता कहते हैं।
🧠 Example: सुप्रीम कोर्ट ने गंगा सफाई पर स्वतः संज्ञान लिया था।
40. न्यायिक आत्मसंयम (Judicial Restraint)
जब न्यायपालिका मामलों में हस्तक्षेप करने से बचती है और सरकार के अधिकार क्षेत्र का सम्मान करती है, तो यह न्यायिक आत्मसंयम है।
🧠 Example: कोर्ट किसी नीति को केवल इस कारण रद्द नहीं करता कि वह गलत है, बल्कि केवल असंवैधानिक होने पर ही।
41. संसद (Parliament)
भारत की संसद दो सदनों – लोकसभा और राज्यसभा – से मिलकर बनी है, और इसमें राष्ट्रपति भी शामिल होता है। यह कानून बनाने, बजट पास करने और सरकार की निगरानी करने का कार्य करती है। संसद में जनता के प्रतिनिधि बैठते हैं जो चुनाव के जरिए चुने जाते हैं।
🧠 Example: किसान बिल संसद में पास किया गया था।
42. लोकसभा (Lok Sabha)
लोकसभा को 'निचला सदन' कहते हैं और इसके सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं। इसकी अधिकतम सदस्य संख्या 552 हो सकती है। सरकार का गठन लोकसभा में बहुमत के आधार पर होता है और प्रधानमंत्री उसी का नेता होता है।
🧠 Example: 2019 में भाजपा ने लोकसभा में बहुमत प्राप्त किया।
43. राज्यसभा (Rajya Sabha)
राज्यसभा को 'उच्च सदन' कहा जाता है और इसके सदस्य राज्यों की विधानसभाओं द्वारा चुने जाते हैं। इसमें अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं, और यह कभी भंग नहीं होती – हर 2 साल में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं।
🧠 Example: वित्त विधेयक को छोड़कर लगभग सभी विधेयकों को राज्यसभा की भी मंजूरी लेनी होती है।
44. लोकसभा अध्यक्ष (Speaker)
Speaker लोकसभा का अध्यक्ष होता है और सदन की कार्यवाही को निष्पक्ष रूप से संचालित करता है। उसे सदस्यों में अनुशासन बनाए रखने और वोटिंग प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने का दायित्व होता है।
🧠 Example: अनुशासन भंग होने पर Speaker सदस्य को सदन से निलंबित कर सकता है।
45. राज्यसभा सभापति (Chairman of Rajya Sabha)
राज्यसभा का सभापति भारत का उपराष्ट्रपति होता है। वह सदन की बैठकें संचालित करता है और कार्यवाही में निष्पक्षता बनाए रखता है।
🧠 Example: सभापति सदस्यों के बीच किसी बहस को रोकने या निर्देश देने का अधिकार रखता है।
46. प्रोटेम स्पीकर (Pro Tem Speaker)
Pro Tem Speaker अस्थायी अध्यक्ष होता है जिसे नई लोकसभा के पहले सत्र में शपथ दिलाने और स्पीकर के चुनाव तक कार्यवाही कराने के लिए नियुक्त किया जाता है।
🧠 Example: हर नई लोकसभा के गठन के बाद पहले दिन प्रोटेम स्पीकर की भूमिका जरूरी होती है।
47. प्रश्नकाल (Question Hour)
संसद की कार्यवाही की शुरुआत 'प्रश्नकाल' से होती है जिसमें सदस्य सरकार से सवाल पूछते हैं। यह सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का माध्यम होता है।
🧠 Example: एक सांसद रेल मंत्री से ट्रेन सेवाओं में कटौती पर सवाल पूछ सकता है।
48. शून्यकाल (Zero Hour)
प्रश्नकाल के बाद आता है शून्यकाल, जिसमें सदस्य बिना पूर्व सूचना के कोई भी मुद्दा उठा सकते हैं। यह असंवैधानिक नहीं है लेकिन परंपरागत रूप से मान्यता प्राप्त है।
🧠 Example: किसी प्राकृतिक आपदा पर सांसद तुरंत सरकार से जवाब मांग सकते हैं।
49. स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion)
इस प्रस्ताव का उद्देश्य संसद का ध्यान किसी अत्यंत गंभीर विषय पर केंद्रित करना होता है, जिससे सामान्य कार्य रुक जाते हैं। यह सरकार की जिम्मेदारी तय करने के लिए लाया जाता है।
🧠 Example: बड़े घोटाले या राष्ट्रीय आपदा के समय इस प्रस्ताव का प्रयोग किया जाता है।
50. अविश्वास प्रस्ताव (No-confidence Motion)
जब लोकसभा के सदस्य यह मानते हैं कि सरकार जनता का विश्वास खो चुकी है, तो वे अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं। अगर यह पास हो जाए तो सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है।
🧠 Example: 1979 में मोरारजी देसाई की सरकार अविश्वास प्रस्ताव गिरने के कारण गिरी थी।
51. कटौती प्रस्ताव (Cut Motion)
कटौती प्रस्ताव संसद में बजट या किसी अनुदान राशि को कम करने के लिए लाया जाता है। यह सरकार की नीतियों पर असहमति प्रकट करने का तरीका होता है और लोकसभा में ही पेश किया जाता है।
🧠 Example: यदि सरकार किसी विभाग को ज़रूरत से ज़्यादा पैसा दे रही हो, तो सदस्य कटौती प्रस्ताव ला सकते हैं।
52. ध्यानाकर्षण प्रस्ताव (Calling Attention Motion)
जब कोई सांसद सरकार का ध्यान किसी गंभीर सार्वजनिक मुद्दे की ओर खींचना चाहता है, तो यह प्रस्ताव लाया जाता है। मंत्री को उस मुद्दे पर जवाब देना पड़ता है।
🧠 Example: जल संकट या महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जा सकता है।
53. विशेषाधिकार प्रस्ताव (Privilege Motion)
यदि कोई सदस्य या अधिकारी संसद के विशेषाधिकारों का उल्लंघन करता है, तो यह प्रस्ताव लाया जाता है। इससे उसकी जिम्मेदारी तय होती है।
🧠 Example: अगर कोई मंत्री सदन को ग़लत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जा सकता है।
54. बजट (Budget)
हर साल सरकार संसद में अपनी आमदनी और खर्च का विवरण बजट के रूप में पेश करती है। यह वित्त मंत्री द्वारा पेश किया जाता है और वित्त वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक चलता है।
🧠 Example: शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा जैसे क्षेत्रों में खर्च बजट के माध्यम से तय होता है।
55. धन विधेयक (Money Bill)
धन विधेयक में केवल कर, उधारी, सरकारी खर्च आदि से संबंधित प्रावधान होते हैं। इसे केवल लोकसभा में पेश किया जा सकता है और राज्यसभा इसमें संशोधन नहीं कर सकती।
🧠 Example: GST से संबंधित प्रारंभिक विधेयक एक धन विधेयक था।
56. वित्त विधेयक (Financial Bill)
धन विधेयक के अलावा कोई अन्य विधेयक जिसमें वित्तीय प्रावधान हों, उसे वित्त विधेयक कहते हैं। इसमें राज्यसभा को कुछ अधिकार मिलते हैं।
🧠 Example: अगर कोई विधेयक टैक्स के अलावा अन्य खर्च या प्रावधान करता है तो वह वित्त विधेयक कहलाता है।
57. विनियोग विधेयक (Appropriation Bill)
यह विधेयक सरकार को धन खर्च करने का अधिकार देता है। जब तक यह पास नहीं होता, सरकार कोई खर्च नहीं कर सकती।
🧠 Example: संसद में हर वर्ष बजट के साथ यह विधेयक अनिवार्य रूप से पेश किया जाता है।
58. अध्यादेश (Ordinance)
जब संसद सत्र में नहीं होती और कोई आपात कानून बनाना जरूरी होता है, तो राष्ट्रपति अध्यादेश जारी कर सकते हैं। यह संसद के कानून जैसा ही होता है लेकिन सीमित अवधि के लिए।
🧠 Example: कृषि कानून पहले अध्यादेश के रूप में लाए गए थे।
59. व्हिप (Whip)
राजनीतिक दलों द्वारा अपने सदस्यों को सदन में किस प्रकार वोट देना है, इसके लिए जो निर्देश दिया जाता है, उसे व्हिप कहते हैं। इसका उल्लंघन करने पर सदस्यता जा सकती है।
🧠 Example: पार्टी व्हिप के खिलाफ वोट करने पर सांसद अयोग्य ठहराया जा सकता है।
60. दलबदल कानून (Anti-Defection Law)
1985 में 52वें संशोधन से यह कानून लाया गया जिससे दल बदलने वाले सदस्यों को अयोग्य ठहराया जा सके। इसका उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना है।
🧠 Example: कोई MLA अगर बिना पार्टी से इस्तीफा दिए दूसरी पार्टी में चला जाए, तो वह अयोग्य घोषित हो सकता है।
61. समिति प्रणाली (Committee System)
संसद में विभिन्न विषयों पर काम को विभाजित करने के लिए कई स्थायी और अस्थायी समितियाँ बनाई जाती हैं। ये कानूनों की समीक्षा, बजट की जांच और मंत्रालयों की निगरानी में मदद करती हैं।
🧠 Example: Public Accounts Committee (PAC) सरकार के खर्चों की जांच करती है।
62. संयुक्त बैठक (Joint Sitting)
जब लोकसभा और राज्यसभा किसी विधेयक पर सहमत न हों, तो राष्ट्रपति दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुला सकते हैं। इसमें लोकसभा का बहुमत प्रभावी होता है।
🧠 Example: डाउरी प्रोहिबिशन एक्ट को पास करने के लिए संयुक्त बैठक बुलाई गई थी।
63. कोरम (Quorum)
संसद की किसी बैठक को वैध बनाने के लिए न्यूनतम उपस्थित सदस्य संख्या को कोरम कहते हैं। लोकसभा में यह 1/10 सदस्य होता है।
🧠 Example: अगर कोरम पूरा न हो, तो कार्यवाही स्थगित करनी पड़ती है।
64. लेम डक सत्र (Lame Duck Session)
यह संसद का वह सत्र होता है जिसमें पुराने सदस्य चुनाव हार चुके होते हैं, लेकिन नई संसद का गठन नहीं हुआ होता। ये सदस्य प्रभावहीन होते हैं।
🧠 Example: चुनाव के बाद नई सरकार के शपथ से पहले का समय लेम डक सत्र कहलाता है।
65. गिलोटिन (Guillotine)
जब समय की कमी होती है और संसद में सभी मांगों पर चर्चा नहीं हो सकती, तो सरकार बिना बहस के उन्हें एक साथ पास करवा देती है। इसे गिलोटिन कहा जाता है।
🧠 Example: बजट सत्र के अंतिम दिन कई अनुदान मांगें गिलोटिन के ज़रिए पास की जाती हैं।
66. भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India)
सरकार की सभी आमदनी और खर्च इस फंड में जाते हैं। बिना संसद की अनुमति, इस निधि से खर्च नहीं किया जा सकता।
🧠 Example: सरकारी कर्मचारियों का वेतन इसी निधि से दिया जाता है।
67. आकस्मिक निधि (Contingency Fund)
यह एक आपातकालीन फंड है जिससे राष्ट्रपति तुरंत खर्च कर सकते हैं। बाद में संसद से मंजूरी ली जाती है।
🧠 Example: बाढ़ जैसी आपात स्थिति में इस फंड का उपयोग होता है।
68. सार्वजनिक लेखा (Public Account)
सरकार जिन पैसों को केवल ट्रांसफर या सुरक्षा के तौर पर रखती है, वे इस खाते में आते हैं। इनमें प्रोविडेंट फंड, छोटी बचत आदि शामिल हैं।
🧠 Example: सरकार द्वारा लिया गया जमा पैसा इसी खाते में रखा जाता है।
69. लेखानुदान (Vote on Account)
जब बजट पास नहीं हुआ होता, तब सरकार अस्थायी रूप से 2-3 महीने के लिए पैसा खर्च करने की अनुमति लेती है।
🧠 Example: चुनाव के दौरान अंतरिम सरकार Vote on Account से काम चलाती है।
70. भरोसे का मत (Vote of Confidence)
सरकार स्वयं संसद में विश्वास जताने के लिए वोट मांग सकती है। यह दर्शाता है कि बहुमत उसके साथ है।
🧠 Example: अगर सरकार को अपनी स्थिति मजबूत करनी हो तो वह खुद Vote of Confidence ला सकती है।
71. आपूर्ति अनुदान (Demands for Grants)
हर मंत्रालय संसद से खर्च के लिए अनुरोध करता है, जिसे demands for grants कहा जाता है। इन्हें लोकसभा द्वारा पास किया जाता है।
🧠 Example: शिक्षा मंत्रालय अपनी वार्षिक योजनाओं के लिए ग्रांट की मांग करता है।
72. वित्त विधेयक (Finance Bill)
इसमें टैक्स लगाने, हटाने या बदलने जैसे प्रावधान होते हैं और यह बजट का हिस्सा होता है। यह केवल लोकसभा में ही पेश किया जाता है।
🧠 Example: हर बजट के साथ एक Finance Bill लाना अनिवार्य होता है।
73. अध्यक्ष का निर्णायक वोट (Speaker’s Casting Vote)
यदि सदन में वोटिंग बराबर हो जाए, तो Speaker का casting vote निर्णय करता है।
🧠 Example: किसी बिल पर टाई होने पर Speaker अंतिम वोट देकर निर्णय करता है।
74. सदन का नेता (Leader of the House)
लोकसभा में यह पद प्रधानमंत्री या उनके द्वारा नामित मंत्री संभालते हैं। वे सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं।
🧠 Example: वर्तमान में प्रधानमंत्री लोकसभा में Leader of the House हैं।
75. प्रतिपक्ष का नेता (Leader of Opposition)
यह वह सदस्य होता है जो विपक्षी दलों का नेतृत्व करता है और जिसे सदन की सदस्यता का 10% समर्थन मिला हो।
🧠 Example: विपक्ष के विचारों और आलोचनाओं का प्रतिनिधित्व यही नेता करता है।
76. निजी विधेयक (Private Member’s Bill)
जब कोई गैर-मंत्री सांसद विधेयक पेश करता है, तो उसे Private Member’s Bill कहते हैं। यह सरकार के अलावा समाज के मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करता है।
🧠 Example: महिला आरक्षण बिल कई बार निजी विधेयक के रूप में पेश हुआ।
77. स्थायी समितियाँ (Standing Committees)
ये समितियाँ पूरे साल कार्य करती हैं और संसद के काम को सुचारू करती हैं, जैसे Estimates Committee, Public Accounts Committee आदि।
🧠 Example: Public Accounts Committee सरकारी खर्चों की जांच करती है।
78. राष्ट्रपति (President)
राष्ट्रपति भारत के राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। वे संसद के अंग होते हैं और विधेयकों को स्वीकृति देने, अध्यादेश जारी करने आदि कार्य करते हैं।
🧠 Example: राष्ट्रपति किसी कानून को मंजूरी देने से पहले पुनर्विचार के लिए भेज सकते हैं।
79. उपराष्ट्रपति (Vice-President)
यह भारत के दूसरे सबसे ऊँचे संवैधानिक पद पर होता है और राज्यसभा का सभापति होता है। राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में इनका कार्यभार संभालता है।
🧠 Example: राज्यसभा की कार्यवाही उपराष्ट्रपति की अध्यक्षता में होती है।
80. प्रधानमंत्री (Prime Minister)
प्रधानमंत्री कार्यपालिका का वास्तविक प्रमुख होता है और मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करता है। नीति निर्धारण, मंत्रियों का चयन और संसद में सरकार का प्रतिनिधित्व इन्हीं का काम है।
🧠 Example: प्रधानमंत्री नीति आयोग और कैबिनेट बैठकों की अध्यक्षता करते हैं।
81. मंत्री परिषद (Council of Ministers)
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में तीन प्रकार के मंत्री होते हैं – कैबिनेट, राज्य और उप-मंत्री। ये सरकार के विभागों को चलाते हैं।
🧠 Example: वित्त मंत्री बजट तैयार करते हैं और संसद में प्रस्तुत करते हैं।
82. कैबिनेट (Cabinet)
ये परिषद के सबसे वरिष्ठ और मुख्य निर्णय लेने वाले मंत्री होते हैं। सभी प्रमुख नीति निर्णय कैबिनेट द्वारा लिए जाते हैं।
🧠 Example: विदेश नीति, रक्षा नीति आदि कैबिनेट स्तर पर तय होती हैं।
83. कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary)
यह भारत सरकार का सबसे वरिष्ठ अधिकारी होता है जो प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद को प्रशासनिक सहायता देता है।
🧠 Example: सभी सचिवों के बीच समन्वय बनाने का कार्य कैबिनेट सचिव का होता है।
84. सामूहिक जिम्मेदारी (Collective Responsibility)
मंत्रिपरिषद को लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होना होता है। अगर कोई मंत्री इस्तीफा देता है या हारता है, तो पूरी मंत्रिपरिषद पद छोड़ सकती है।
🧠 Example: संसद में हारने पर पूरी कैबिनेट को इस्तीफा देना पड़ता है।
85. व्यक्तिगत जिम्मेदारी (Individual Responsibility)
हर मंत्री अपने विभाग के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होता है। यदि कोई गलती हो, तो उसे उत्तरदायी ठहराया जाता है।
🧠 Example: रेलवे दुर्घटना पर रेल मंत्री का इस्तीफा देना इसी सिद्धांत का हिस्सा है।
86. महाभियोग (Impeachment)
राष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया को महाभियोग कहते हैं। यह संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष प्रक्रिया से किया जाता है।
🧠 Example: भारत में अभी तक किसी राष्ट्रपति का महाभियोग नहीं हुआ है।
87. राज्यपाल (Governor)
राज्य का संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल होता है जिसे राष्ट्रपति नियुक्त करते हैं। वह राज्य मंत्रिपरिषद के सलाह से कार्य करता है।
🧠 Example: राज्यपाल विधानसभा सत्र बुला सकते हैं।
88. मुख्यमंत्री (Chief Minister)
राज्य में सरकार का प्रमुख मुख्यमंत्री होता है जो बहुमत वाली पार्टी का नेता होता है। सभी निर्णय मंत्रिपरिषद के साथ मिलकर करता है।
🧠 Example: मुख्यमंत्री राज्य के प्रशासन और योजनाओं को लागू करता है।
89. राज्य मंत्री परिषद (State Council of Ministers)
मुख्यमंत्री के अंतर्गत राज्य सरकार में मंत्री कार्य करते हैं जिनमें कैबिनेट, राज्य और उपमंत्री शामिल होते हैं।
🧠 Example: हर मंत्रालय को संभालने के लिए एक राज्य मंत्री नियुक्त किया जाता है।
90. महाधिवक्ता (Advocate General)
राज्य सरकार का मुख्य विधि सलाहकार होता है। इसे राज्यपाल नियुक्त करता है और यह विधानसभा में कानून सलाह देता है।
🧠 Example: हाई कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पेश होता है।
91. अटॉर्नी जनरल (Attorney General)
Attorney General भारत सरकार का मुख्य विधि सलाहकार होता है। यह Supreme Court में सरकार का पक्ष रखता है और राष्ट्रपति के कानूनी प्रश्नों पर राय देता है।
🧠 Example: कोई भी बड़ा संवैधानिक मामला हो, तो अटॉर्नी जनरल कोर्ट में सरकार का बचाव करते हैं।
92. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG – Comptroller and Auditor General)
CAG सरकार के खर्चों का लेखा-परीक्षण करता है और रिपोर्ट संसद को देता है। इसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और यह संविधान के Article 148 के तहत आता है।
🧠 Example: 2G स्पेक्ट्रम घोटाले की रिपोर्ट CAG ने दी थी।
93. नौकरशाही (Bureaucracy)
ये वे स्थायी सरकारी अधिकारी होते हैं जो नीतियों को लागू करते हैं। IAS, IPS, IRS जैसे अधिकारी इसका हिस्सा होते हैं।
🧠 Example: एक जिला कलेक्टर प्रशासनिक फैसलों के लिए ज़िम्मेदार होता है।
94. मुख्य सचिव (Chief Secretary)
राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है जो मुख्यमंत्री और राज्य मंत्रियों को सलाह देता है।
🧠 Example: कानून व्यवस्था और नीति कार्यान्वयन में Chief Secretary की अहम भूमिका होती है।
95. मुख्य आयुक्त (Chief Commissioner)
यह केंद्र शासित प्रदेशों या विशेष विभागों का प्रमुख होता है। कुछ मामलों में इनका कार्य राज्यपाल जैसा होता है।
🧠 Example: आयकर विभाग का प्रमुख Chief Commissioner होता है।
96. उपराज्यपाल (Lieutenant Governor)
दिल्ली, पुदुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यपालक प्रमुख उपराज्यपाल होता है। यह राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होता है।
🧠 Example: दिल्ली में मुख्यमंत्री के साथ मिलकर LG प्रशासन चलाते हैं।
97. अध्यादेश जारी करने की शक्ति (Ordinance Power)
जब संसद सत्र में न हो और कोई जरूरी कानून बनाना हो, तो राष्ट्रपति या राज्यपाल अध्यादेश जारी कर सकते हैं।
🧠 Example: 2020 में कृषि कानून अध्यादेश के रूप में लाए गए थे।
98. राष्ट्रपति की सहमति (President’s Assent)
किसी भी विधेयक को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति की सहमति आवश्यक होती है। वे इसे स्वीकार, अस्वीकार या पुनर्विचार के लिए लौटा सकते हैं।
🧠 Example: अगर राष्ट्रपति विधेयक लौटा दे, तो संसद दोबारा पास कर सकती है।
99. क्षमादान शक्ति (Pardoning Power)
राष्ट्रपति और राज्यपाल के पास दंड माफ करने की शक्ति होती है। राष्ट्रपति को यह शक्ति Article 72 और राज्यपाल को Article 161 में मिली है।
🧠 Example: किसी कैदी की सजा राष्ट्रपति क्षमा कर सकते हैं।
100. वैधानिक प्रमुख (De Jure Head)
राष्ट्रपति एक वैधानिक प्रमुख होते हैं – संविधान के अनुसार उनका नाम है, पर असली कार्यकारी शक्ति मंत्रिपरिषद के पास होती है।
🧠 Example: राष्ट्रपति कानून पर हस्ताक्षर करते हैं, लेकिन निर्णय मंत्रिपरिषद लेती है।